Tuesday, August 16, 2022

रूस से क्रूड डील के करीब भारत:रुपए में मिलेगा कच्चा तेल, डॉलर के मुकाबले रुपए की ताकत बढ़ेगी; देश का आयात बिल घटेगा

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यूक्रेन युद्ध के कारण अमेरिका और पश्चिमी देशों की पाबंदियों से जूझ रहा रूस क्रूड ऑयल के लिए नए ग्राहक तलाश रहा है। वहीं, अपनी सहूलियत और जरूरत के हिसाब से भारत ऐसे करार की ओर बढ़ रहा है जिससे न केवल महंगे क्रूड के बोझ से राहत मिले बल्कि रुपए की कीमत भी बढ़े। भारत रूस से क्रूड लेने की डील के करीब है। इसमें शिपिंग और बीमे की जिम्मेदारी रूस उठाएगा।

अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली (स्विफ्ट) तक रूस की पहुंच रुकने से सौदा रुपए-रूबल में करने पर बात हो रही है। भुगतान ऐसे भारतीय बैंकों से हो सकता है जिनकी पश्चिमी देशों में ब्रांच न हो। ऐसा हुआ तो पेट्रो मार्केट में डॉलर का एकाधिकार टूटेगा। चीन भी सऊदी अरब से अपनी मुद्रा युआन में क्रूड खरीदने की बातचीत के अंतिम दौर में है। दरअसल, महंगे क्रूड से दुनियाभर में महंगाई का संकट है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का दबाव होगा कम
सस्ता क्रूड आता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का दबाव कम होगा। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है। इसका 2-3% रूस से ता है। इस बीच अमेरिका ने कहा है कि अगर भारत रूस से क्रूड लेता है तो उसे आपत्ति नहीं है, क्योंकि किसी प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं होता है।

यूक्रेन युद्ध के कारण अमेरिका और पश्चिमी देशों की पाबंदियों से जूझ रहा रूस क्रूड ऑयल के लिए नए ग्राहक तलाश रहा है। वहीं, अपनी सहूलियत और जरूरत के हिसाब से भारत ऐसे करार की ओर बढ़ रहा है जिससे न केवल महंगे क्रूड के बोझ से राहत मिले बल्कि रुपए की कीमत भी बढ़े। भारत रूस से क्रूड लेने की डील के करीब है। इसमें शिपिंग और बीमे की जिम्मेदारी रूस उठाएगा।

अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली (स्विफ्ट) तक रूस की पहुंच रुकने से सौदा रुपए-रूबल में करने पर बात हो रही है। भुगतान ऐसे भारतीय बैंकों से हो सकता है जिनकी पश्चिमी देशों में ब्रांच न हो। ऐसा हुआ तो पेट्रो मार्केट में डॉलर का एकाधिकार टूटेगा। चीन भी सऊदी अरब से अपनी मुद्रा युआन में क्रूड खरीदने की बातचीत के अंतिम दौर में है। दरअसल, महंगे क्रूड से दुनियाभर में महंगाई का संकट है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का दबाव होगा कम
सस्ता क्रूड आता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का दबाव कम होगा। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है। इसका 2-3% रूस से ता है। इस बीच अमेरिका ने कहा है कि अगर भारत रूस से क्रूड लेता है तो उसे आपत्ति नहीं है, क्योंकि किसी प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं होता है।

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