नया आधार ऐप रोजमर्रा की कई जरूरतों को आसान बनाता है। जैसे होटल चेक-इन, क्यूआर कोड स्कैनिंग के जरिए बिना कागजी कार्रवाई के चेक-इन संभव है। अस्पताल में भर्ती होने, विजिटर मैनेजमेंट और किसी बड़े कार्यक्रम में एंट्री के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। सर्विस पार्टनर्स और गिग वर्कर्स की पहचान को सत्यापित करने में यह ऐप मददगार साबित हो रहा है। यह डिजिटल टूल अब लोगों की जिंदगी को और सुविधाजनक बना रहा है जहां पहले कागजात और फोटोकॉपी की दौड़ लगती थी।
महज तीन महीनों के भीतर इस ऐप को 21 मिलियन यानी 2.1 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। आधार अब हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। ऐसे में इससे जुड़ी कोई भी नई सर्विस आती है तो लोग न सिर्फ उसके बारे में जानने को लेकर उत्साहित रहते हैं बल्कि खुले दिल से अपनाते भी हैं। इसी क्रम में आधार सेवाओं को और अधिक बेहतर, पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया नया आधार ऐप लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। यह ऐप ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और भविष्य में डिजिटल इंडिया के सपने को और मजबूत करेगा।
रिकॉर्ड अपडेट की बात करें तो लाखों लोगों ने अपना मोबाइल नंबर बदला है। पीआईबी की प्रेस रिलीज के मुताबिक लोग इस ऐप का इस्तेमाल अपनी व्यक्तिगत जानकारी को अपडेट करने के लिए बड़े स्तर पर कर रहे हैं। अब तक 28 लाख यानी 2.8 मिलियन से अधिक लोग ऐप के जरिए अपना मोबाइल नंबर सफलतापूर्वक अपडेट कर चुके हैं। लगभग 6 लाख लोगों ने अपनी रिहायशी जानकारी यानी पता बदलने के लिए इस डिजिटल माध्यम का सहारा लिया है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि लोग अब सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से अपडेट करने में कितना भरोसा कर रहे हैं।
यह नया वर्जन प्राइवेसी और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें कई ऐसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं जो पहले उपलब्ध नहीं थे। फेस वेरिफिकेशन की सुविधा से फिजिकल मौजूदगी का प्रमाण आसानी से दिया जा सकता है। बायोमेट्रिक लॉक या अनलॉक का ऑप्शन यूजर्स को एक क्लिक में अपनी सुरक्षा मजबूत करने की आजादी देता है। QR आधारित संपादन योग्य कांटेक्ट कार्ड से अब विजिटिंग कार्ड की जरूरत खत्म हो गई है और संपर्क विवरण साझा करना बेहद आसान हो गया है।
ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री फीचर यूजर्स को यह ट्रैक करने की सुविधा देता है कि उनका आधार कब और कहां इस्तेमाल हुआ। पेपरलेस आइडेंटिटी शेयरिंग के जरिए फिजिकल डॉक्यूमेंट्स के बिना पहचान साझा की जा सकती है और यूजर का पूरा कंट्रोल रहता है कि कौन सी जानकारी शेयर की जाए। इन सभी सुविधाओं ने ऐप को एक सुरक्षित और यूजर फ्रेंडली प्लेटफॉर्म बना दिया है।
नया आधार ऐप रोजमर्रा की कई जरूरतों को आसान बनाता है। जैसे होटल चेक-इन, क्यूआर कोड स्कैनिंग के जरिए बिना कागजी कार्रवाई के चेक-इन संभव है। अस्पताल में भर्ती होने, विजिटर मैनेजमेंट और किसी बड़े कार्यक्रम में एंट्री के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। सर्विस पार्टनर्स और गिग वर्कर्स की पहचान को सत्यापित करने में यह ऐप मददगार साबित हो रहा है। यह खास तौर पर उन क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रहा है जहां तेजी से वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती है।
यह ऐप Android और Apple iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। आप इसे अपने स्मार्टफोन पर आसानी से डाउनलोड करके आधार से जुड़ी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।











